पुंछ जिले के राजौरी नामक गांव में राजपूत रामेदव भारद्वाज के घर 16 अक्टूबर 1670
आदि कवि महर्षि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत भाषा में रचित महाग्रन्थ रामायण को आधार मानकर
अकबर ने कराया था रामायण का फारसी में अनुवाद, नाम है ‘तर्जुमा-ए-रामायण’
सवाई प्रताप सिंह की मृत्यु के बाद सवाई जगत सिंह द्वितीय जयपुर की राजगद्दी पर बैठे। जयपुर के शासक सवाई जगत सिंह द्वितीय और खूबसूरत नृत्यांगना रसकपूर के मोहब्बत के चर्चे आ...
दक्षिण में मुगलों की प्रतिष्ठा को धूल में मिला चुके थे छत्रपति शिवाजी-
दक्षिण के राज्यों के सुल्तान मुगलों के ...
द्वापर युग में महाभारत युद्ध 18 दिनों तक चला था। कुरुक्षेत्र के मैदान में पांडवों और कौरवों के बीच लड...