राजपूताना इतिहास में पन्नाधाय ने अपने इकलौते पुत्र चन्दन का बलिदान कर मेवाड़ के कुलदीपक राणा उदयसिंह की रक्षा की थी, वहीं गौराधाय ने अपने चार माह के मासूम पुत्र का बलिदान...
1857 की महाक्रांति में जो नाम महत्वपूर्ण हैं, उनमें अजीमुल्ला खां का नाम भी चिरस्मरणीय है। बिल्कुल सा...
सनातन में मानव जीवन चार पुरुषार्थ पर आधारित है - 1. धर्म 2. अर्थ 3. काम और 4. मोक्ष। वैदिक काल में भी धर्म और अर्थ के बाद काम को ही
उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले के देवा गांव में बेनीराय के घर महाशिवरात्रि के दिन (22 फरवरी 1889 ई.) स्वामी सहजानन्द सरस्वती का जन्म हुआ था। स्वामीजी के बचपन का नाम नौरंग राय था। स्वामी स... कौन था वह दंडी सन्यासी, जिसे कहा जाता है भारत के किसान आन्दोलन का जनक
दोस्तों, आप भी काला पानी का नाम अबतक कई बार सुन चुके होंगे। हांलाकि इस बात को हर भारतवासी अच्छी तरह से जानता है कि अंग्रेजों द्वारा आजादी के दीवानों पर किए गए अत्याचार की सबसे भयावह ...