मुगल साम्राज्य के अंतिम बादशाह बहादुर शाह जफर के पिता अकबर शाह द्वितीय ने अपनी बेग़म मुमताज महल की मन्नत पूरी करने के लिए साल 1812
हिन्दुस्तान में ट्यूलिप और गुलाब ऐसे दो फूल हैं जिनके प्रत्येक रंगों
उत्तर भारत के बुद्धिजीवियों के बीच गोस्वामी तुलसीदास और मुगल बादशाह अकबर के बीच हुई मुलाकात की चर्चा पिछले 450
हिन्दू धर्म का एक विख्यात श्लोक है – “अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभीषण: संसार के बहुत कम ग्रन्थों को ‘बाबरनामा’ के समान प्रसिद्धि प्राप्त हुई है। एल्फिन्स्टन कहता है- ‘बाबर की विद्वता, सरलता एवं अद्भुत रचनाशैली ने ‘बाबरनामा’ को संसार के प्र... क्या सच में अकबर ने गोस्वामी तुलसीदास को कैद कर लिया था?
महेंद्रगिरि पर्वत पर आज भी रहते हैं भगवान परशुराम, जानते हैं क्यों?
कस्तूरी खरबूजे को देखकर रो पड़ा था मुगल बादशाह बाबर, जानिए क्यों ?