I T I H A S   N A M A

View More Blogs

भारतीय इतिहास की पांच मशहूर तवायफें : नर्तकी से हुकूमत तक का सफर

यह सच है कि भारतीय इतिहास के कई ऐसे राजा हुए जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन सुरा

दिवेर का युद्ध : 36 हजार मुगल सैनिकों का आत्मसमर्पण और मेवाड़ पर महाराणा प्रताप का अधिकार

हल्दीघाटी युद्ध के पश्चात महाराणा प्रताप के पास महज 7000 सैनिक बचे थे जबकि कुम्भलगढ़, गोगुंदा, उदयपुर और आसपास के ठिकानों पर मुगलों का अधिकार हो चुका था। ऐसे में महाराणा प्रताप ने जंगल...

ब्रिटिश भारत में अंग्रेजों द्वारा संचालित रेलवे का सम्पूर्ण इतिहास

यह बात हम सभी जानते हैं कि अंग्रेजों ने स्वयं के आवागमन को सुलभ बनाने तथा भारत से कच्चे माल जैसे- कपा...

किसानों के भगवान स्वामी सहजानन्द सरस्वती ने महात्मा गांधी से हमेशा के लिए बना ली दूरी, आखिर क्यों?

पहली अगस्त 1920 ई. को लोकमान्य बालगंगाधर तिलक के देहावसान के बाद असहयोग आन्दोलन की शुरूआत हुई।1 इसी के बाद भारतीय राजनीति में महात्मा गांधी का अवतरण एक युगपुरूष के रू...

प्रभु नाम की अंगूठी धारण करने के साथ-साथ रामनामी भी ओढ़ता था दाराशिकोह!

मुगल बादशाह शाहजहां ने अपने सबसे बड़े पुत्र दाराशिकोह को अपना अपना उत्त​राधिकारी घोषित किया था। शाहजहां ने अपनी ताजपोशी के दिन ही दाराशिकोह को 60000 जात और 40000 सवार का मनसब प्रदान कि...