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फिरोजा और वीरमदेव की प्रेम कहानी के बारे में क्या लिखता है मुहणौत नैणसी?

मध्ययुगीन इतिहास लेखन में गैर फारसी स्रोतों में राजस्थानी स्रोत ग्रन्थों का विशेष महत्व है। इसके पीछे दो मुख्य कारण है, पहला राजस्थान का मुस्लिम शासकों के साथ गहरा सम्बन्ध रहा है और दूसरा दिल्...

मुगल साम्राज्य की पहली और अंतिम महिला इतिहासकार गुलबदन बेगम

बाबर की बेटी गुलबदन बेगम मुगल इतिहास की एक प्रभावशाली और शिक्षित महिला थी। फारसी, अरबी और ...

वाल्मीकि रामायण : सीता स्वयंवर नहीं हुआ था, तो फिर सच क्या है?

दोस्तों, आदि कवि महर्षि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत भाषा में रचित महाग्रन्थ रामायण को आधार मानकर अब तक ...

ज्ञानवापी मुद्दे को लेकर बेहद चर्चा में है औरंगजेब से जुड़ी किताब ‘मासिरी-ए-आलमगीरी’, जानिए क्यों?

असल में क्या है ज्ञानवापी मुद्दा?

सर्वप्रथम तो काशी विश्वनाथ मंदिर के बिल्कुल करीब स्थित ज्ञानवापी मस्जिद व्...

1857 की महाक्रांति के नायक बाबू अमर सिंह की गौरव गाथा

विनायक दामोदर सावरकर के शब्दों में, “मनुष्य की आयु जितनी अधिक होती है, उसे उतना ही ज्यादा बूढ़ा कहा जाता है। किन्तु ऐसे भी मनुष्य हुए हैं, जिन्होंने अपने शौर्य-बल से यह सि...