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Kolkata London bus service, long journey of 50 days and across 11 countries

कलकत्ता से लंदन तक जाती थी बस, 50 दिन और 11 देशों की लम्बी यात्रा

दोस्तों, वर्तमान में दुनिया का भौगोलिक और राजनीतिक वातावरण इतना परिवर्तित हो चुका है कि एक देश से दूसरे देश की हवाई यात्रा करने में वीजा, पासपोर्ट से जुड़े तमाम पापड़ बेलने पड़ते हैं। वहीं, एक दौर ऐसा भी था जब भारत और इंग्लैण्ड के बीच बस सर्विस चलती थी।

दुनिया की यह सबसे लम्बी बस यात्रा 11 देशों से गुजरते हुए 50 से 70 दिनों में लंदन से कलकत्ता (अब कोलकाता) पहुंचती थी। ऐसे में आपका यह सोचना लाजिमी है कि यह बस सर्विस पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान को पारकर आखिर किस रास्ते से लंदन पहुंचती थी?

इसके अतिरिक्त कलकत्ता-लंदन बस सर्विस के दौरान यात्रियों के खाने-पीने, रहने और किराए के अतिरिक्त अन्य यात्रा सुविधाएं क्या-क्या थीं? इन सभी रोचक बातों की जानकारी के लिए यह स्टोरी जरूर पढ़ें।

कलकत्ता-लंदन बस सर्विस का नाम

कलकत्ता (अब कोलकाता) से लंदन जाने वाली बस सर्विस को सिडनी की अल्बर्ट ट्यूर्स एंड ट्रैवल्स’ (Albert tours and travels) कंपनी संचालित करती थी जिसे ‘Albert’ के नाम से जाना जाता था। कलकत्ता से लंदन जाने वाली AEC रीगल III मॉडल की बस पर 'लंदन से कलकत्ता' लिखा हुआ था। इस बस सर्विस के मालिक का नाम ‘Oswald-Joseph Garrow-Fisher’ था।

कलकत्ता-लंदन बस संचालन का वर्ष

लंदन से चलने वाली बस पहली बार 15 अप्रैल, 1957 को रवाना हुई थी जो तकरीबन 50 दिन बाद 5 जून, 1957 को कलकत्ता पहुंची थी। लंदन से कोलकाता तक जाने वालीअल्बर्ट टूर एंड ट्रैवल्स बस सर्विस साल 1957 से 1973 तक जारी रही, उसके बाद बंद हो गई।

कलकत्ता-लंदन बस सर्विस का किराया

साल 1957 में जब लंदन से कलकत्ता के लिए बस सर्विस शुरू हुई थी, उस वक्त किराया £85 था। बाद के वर्षों में य​ह किराया बढ़कर £145 हो गया। लंदन-कोलकाता बस सर्विस के अंतिम वर्षों में यह किराया 305 डॉलर हो गया था।

ध्यान देने वाली बात यह है कि लंदन-कोलकाता बस सर्विस के इसी किराए में ही यात्रियों के खाने, रहने तथा अन्य सुविधाएं शामिल थीं। बस टिकट पर यह भी लिखा रहता था कि भारत और पाकिस्तान के बीच बॉर्डर बंद होने की स्थिति में यात्रियों को हवाई मार्ग के जरिए लंदन ले जाया जाएगा। इस दौरान किराया शुल्क कुछ ज्यादा हो जाएगा।

कलकत्ता-लंदन बस सर्विस का रूट

साल 1957 से 1973 के बीच लंदन से कोलकाता तक चलने वाली बस सेवा कोलकाता से चलकर लंदन पहुंचती थी। इस दौरान यह बस सर्विस कोलकाता से चलकर चलकर नई दिल्ली होते हुए पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान, तुर्की, बेल्जियम, युगोस्लाविया, बुल्गारिया, ऑस्ट्रिया, पश्चिम जर्मनी होते हुए लंदन (इंग्लैंड) पहुंचती थी।

मतलब साफ है, लंदन से कलकत्ता के बीच चलने वाली बस कुल 11 देशों से होकर गुजरती थी। लंदन से कोलकाता के बीच 16,000 किमी से अधिक की दूरी तय करने में बस सर्विस को लगभग 50 दिन लगते थे।

यात्रा के दौरान जरूरी डॉक्यूमेन्टस

लंदन से कोलकाता तक चलने वाली बस यात्रा के दौरान यात्रियों को कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता था। बस यात्रियों को अपने पास कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स रखने होते थे जैसे - पासपोर्ट एवं पासपोर्ट फोटो आदि। वीजा की व्यवस्था कुछ यात्री स्वयं कर लेते थे अन्यथा बस सर्विस ही यात्रियों की वीजा व्यवस्था कर दिया करती थी।

लंदन-कलकत्ता यात्रा से जुड़ी अन्य सुविधाएं

लंदन-कोलकाता बस सर्विस दुनिया का सबसे लम्बा बस रूट था। इस दौरान यात्रीगण 50-70 दिनों की लम्बी बस यात्रा के बाद लंदन से कोलकाता पहुंचते थे। अब हम आपको बताते हैं कि इस लम्बी बस यात्रा के दौरान बस सर्विस अपने यात्रियों को कौन-कौन सी सुविधाएं प्रदान करती थी।

लंदन से कोलकाता तक चलने वाली बस में बैठने से लेकर सोने तक की व्यवस्था थी। बस में सैलून, म्यूजिक, किताब पढ़ने की जगह तथा बाहर का मनोरम दृश्य देखने के लिए खास बालकनी बनी हुई थी।

लंदन-कोलकाता यात्रा के दौरान बस प्रत्येक पॉपुलर जगहों पर रूकती थी, जहां यात्रियों को खिलाने-पिलाने तथा घूमने की व्यवस्था कराई जाती थी। यात्रियों को होटल में ठहराने का खर्च भी बस सर्विस ही वहन करती थी। हैरानी की बात है कि आज की तारीख में 11 देशों की बस यात्रा तो दूर भारत से पाकिस्तान की बस यात्रा भी सम्भव नहीं है।

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